ठिकाना – कांसीया
यह ठिकाना ठाकुर साहब जैत नाथ जी का मिला। भींडर दरवाजे पर सिंधी मुसलमानों से लड़ते हुए काम आए। इनकी 12वीं पीढ़ी में वर्तमान ठाकुर साहब भंवर नाथ जी हैं। इनके तीन काका हैं। एक काका ठाकुर साहब चैन नाथ जी फतेहपुरा पधार गए। दो काका यहां कांसीया बिराजते हैं। काकाजी नाहर नाथ जी के पाँच पुत्र हैं। काकाजी निर्भय नाथ जी के एक ही पुत्र थे, उनका सड़क हादसे में देवलोक हो गए। नाहर नाथ के बड़े पुत्र लक्ष्मण नाथ जी शिक्षा विभाग में स्कूल प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए।
ठाकुर साहब भंवर नाथ जी के बड़े पुत्र कुंवर करमेन्द्र प्रताप जी वरिष्ठ पशु चिकित्सक, उदयपुर सरकारी पशु चिकित्सालय में कार्यरत हैं। छोटे पुत्र कुंवर नृपेन्द्र प्रताप जी सिंचाई विभाग रतलाम (म.प्र.) में अधिशाषी अभियंता पद पर कार्यरत हैं। ठाकुर साहब के दो भाई सुरेन्द्र पाल सिंह जी, नरेन्द्र पाल सिंह जी हैं। जिनमें सुरेन्द्र पाल सिंह जी देवलोक हो गया। सुरेन्द्र पाल सिंह जी व नरेन्द्र पाल सिंह जी के तीनों पुत्र निजी कार्य क्षेत्र में कार्यरत हैं। ठिकाना कांसीया भादसौड़ा से शनिदेव मंदिर के मध्य स्थित है।
इसमें ठिकाना परिवार के अलावा पूर्व का फंटाव भी है, जो 11 पीढ़ी पूर्व के है, जिनके 10 परिवार गांव में स्तिथ है |